Monday, 5 August 2019

चिलकुर बाला जी : अद्भुत एवंं विलक्षण

   चिलकुर बाला जी का मंदिर अद्भुत एवं विलक्षण कहा जाना चाहिए। जी हां, वास्तुकला की यह शानदार संरचना अनुपम है।

   मान्यता है कि विदेश यात्रा में कोई व्यवधान आ रहा हो तो श्रद्धालुओं कोे चिलकुर बाला जी के दर्शन करने चाहिए। शायद इसी लिए चिलकुर बाला जी को वीसा बाला जी भी कहा जाता है।

   भारत के प्रांत तेलंगाना के शहर हैदराबाद स्थित चिलकुर बाला जी मंदिर वस्तुत: भगवान वेंकटेश्वर को समर्पित है। मान्यता है कि भगवान वेंकटेश्वर का यह मंदिर अति प्राचीन एवं जागृत है। 

  विशेषज्ञों की मानें तो इस दिव्य-भव्य मंदिर का निर्माण आक्कान्ना एवं मदन्ना ने संयुक्त रूप से कराया था। मान्यता है कि एक भक्त हमेशा तिरुपति बाला जी के दर्शन के लिए जाता था लेकिन एक वर्ष बीमार होने के कारण भक्त दर्शन के लिए तिरुपति बाला जी नहीं जा सके।

  लिहाजा भगवान वेंकटेश्वर ने दर्शन दिये कि मैं यहीं हैदराबाद के जंगलों में विद्यमान हूं। चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। भक्त ने स्वप्न में देखेे स्थान पर जाकर देखा कि उक्त पहाड़ी के स्थान पर छछूंदर ने छेद किया है।

   खोदाई पर भगवान बाला जी की प्रतिमा का प्राक्ट्य हुआ। इस प्रतिमा में भगवान वेंकटेश्वर के साथ भूदेवी एवं श्रीदेवी भी विराजमान हैं। वैदिक पराम्परा एवं विधि विधान से मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गयी। मंदिर में स्थापित भगवान वेंकटेश्वर की प्रतिमा स्वयंभू हैं।

  भगवान वेंकटेश्वर के साथ भूदेवी एवं श्रीदेवी का पूजन अर्चन भी विधि विधान से होता है। विशेषज्ञों की मानें तो यह बेहद दुर्लभ संयोग है। खास यह है कि चिलकुर बाला जी मंदिर की संरचना एवंं वास्तुशिल्प इसकी प्राचीनता को स्वत: बयां करता है। 

   खास यह कि चिलकुर बाला जी मंदिर में स्थापित मूर्तियां भी काफी खास दिखती हैं। मूर्ति के तीन हाथों में कमल है जबकि चौथा हाथ शरणागति का प्रतीक है। इस मंदिर में जीर की भी प्रतिमा स्थापित है। 

   मान्यता है कि भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन मात्र से श्रद्धालुओं की इच्छाओं की पूर्ति हो जाती है।  इस दिव्य-भव्य मंदिर की संरचना करीब 500 वर्ष प्राचीन है। 

   खास यह कि शानदार मंदिर में दान एवं दक्षिणा की परम्परा नहीं है। वीआईपी या वीवीआईपी कल्चर भी यहां की व्यवस्थाओं में शामिल नहीं है। 

   मंदिर में अनाकोटा, ब्राह्महोत्सवमस एवं पोलांग आदि उत्सव खास हैं। श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को चिलकुर बाला जी मंदिर की यात्रा अक्टूबर से जनवरी की अवधि में करनी चाहिए।

  चिलकुर बाला जी की यात्रा के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट हैदराबाद एयरपोर्ट है। 

   हैदराबाद एयरपोर्ट से मंदिर की दूरी करीब 22 किलोमीटर है। निकटतम रेलवे स्टेशन हिमायत नगर जंक्शन है। पर्यटक सड़क मार्ग से भी चिलकुर बाला जी मंदिर की यात्रा कर सकते हैं।
17.342991,78.307999

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