श्री अम्बा जी मंदिर: अद्भुत एवं विलक्षण
श्री अम्बा जी मंदिर को अद्भुत एवं विलक्षण कहा जाना चाहिए। जी हां, श्री अम्बा जी मंदिर में काफी कुछ अद्भुत एवं विलक्षण है। जिससे हिन्दुओं का यह तीर्थ देश-दुनिया में विशेष ख्याति रखता है।
भारत के गुजरात प्रांत के जिला बनासकांठा स्थित यह शक्ति स्थल विशेष धार्मिक महत्व रखता है। खास यह कि मां शक्ति के 51 शक्ति पीठों में श्री अम्बा जी मंदिर भी एक है। खास यह कि इसे प्रधान शक्ति पीठ की मान्यता है।
गुजरात-राजस्थान सीमा क्षेत्र के अरासुर पर्वत पर विद्यमान यह शक्ति पीठ हिन्दुओं की आस्था, विश्वास एवं श्रद्धा का केन्द्र है। इस स्थान को अरासुरी अम्बा जी के नाम से भी जाना जाता है।
खास यह कि अरासुरी अम्बा जी मंदिर में कोई देवी प्रतिमा स्थापित नहीं है। इस दिव्य-भव्य मंदिर में श्री यंत्र पूजित एवं अर्चित है। यहां पवित्र श्री यंत्र की ही पूजा एवं आराधना की जाती है।
मान्यता है कि कोई भी श्रद्धालु इस श्री यंत्र को सीधे आंखों से नहीं देख सकता। वस्तुत: मां श्री अम्बा जी का मूल पीठ स्थल कस्बा के गब्बर पर्वत शिखर पर विद्यमान है।
श्री यंत्र का विशेष दर्शन होने के कारण श्रद्धालुओं का यहां आना वर्ष पर्यंत जारी रहता है। खास तौर से पूर्णिमा पर विशेष उत्सव जैसा दृश्य होता है।
खास तौर से दीपावली पर्व पर श्री अम्बा जी मंदिर के साथ ही कस्बा की बेहतरीन साज-सज्जा की जाती है। इस उत्सव पर मंदिर सहित शहर रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठता है। विशेषज्ञों की मानें तो श्री अम्बा जी मंदिर क्षेत्र गुजरात-राजस्थान सीमा पर स्थित है।
मान्यता है कि श्री अम्बा जी का यह मंदिर 1200 वर्ष से भी अधिक प्राचीन है। श्री अम्बा जी मंदिर का वास्तु शिल्प भी अद्भुत एवं अद्वितीय है।
सफेद संगमरमर सा चमकता यह मंदिर श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को खास तौर से आकर्षित करता है। मंदिर का शिखर करीब 103 फुट ऊंचा है।
खास यह कि इस पर 358 स्वर्ण कलश स्थापित हैं। यह स्वर्ण कलश मंदिर को अति दर्शनीय बना देते हैं। यह स्थान पवित्र गुप्त नदी सरस्वती का उद््गम स्थल माना जाता है।
समुद्र तल से करीब 490 मीटर की ऊंचाई पर स्थित श्री अम्बा जी मंदिर अरासुर पर्वतमाला की अरावली पर्वत के दक्षिण-पश्चिम में स्थित है।
शक्ति पीठ का क्षेत्र करीब 8.33 वर्ग किलोमीटर तक माना जाता है। मान्यता है कि श्री अम्बा जी मंदिर स्थल पर सती का ह्मदय गिरा था।
लिहाजा इसे शक्ति पीठ के तौर पर मान्यता दी जाती है। माता सती का ह्मदय इस स्थान पर गिरने का उल्लेख तंत्र चूड़ामणि में भी मिलता है।
गब्बर पर्वत के शिखर पर जाने के लिए श्रद्धालुओं को 999 सीढ़ियों को चढ़ना पड़ता है। इसके बाद श्री अम्बा जी मंदिर में मां भगवती अम्बा जी के दर्शन होते हैं। श्री यंत्र के निकट ही मां भगवती की दिव्य-भव्य ज्योति प्रज्जवलित है।
शक्ति उपासकों के लिए यह मंदिर विशेष महत्व रखता है। श्री यंत्र का श्रंगार इस प्रकार किया जाता है, जिससे प्रतीत होता है कि मां अम्बा स्वयं विराजमान हैं।
मान्यता है कि भगवान श्री कृष्ण जी का मुण्डन संस्कार इसी स्थान पर हुआ था। भगवान श्री राम भी यहां दर्शन के लिए आये थे। मान्यता है कि यहां माता भगवती के पद चिह्न हैं।
खास यह कि श्री यंत्र दर्शन के लिए यहां श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है। खास यह कि गब्बर पर्वत एक अति दर्शनीय स्थल है। सनसेट प्वाइंट, गुफाएं एवं माता जी के झूले आदि इत्यादि बहुत कुछ दर्शनीय हैं।
श्री अम्बा जी मंदिर की यात्रा के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट भावनगर एयरपोर्ट गुजरात है। रेलवे स्टेशन बनासकांठा जंक्शन है।
हालांकि श्री अम्बा जी मंदिर का निकटतम रेलवे स्टेशन माउंट आबू जंक्शन है। श्रद्धालु या पर्यटक सड़क मार्ग से भी श्री अम्बा जी मंदिर की यात्रा कर सकते हैं।
22.258652,71.192383
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