Monday, 4 March 2019

श्री बाला जी धाम: अद्भुत दर्शन

   श्री बाला जी धाम की महिमा को अद्भुत कहा जाना चाहिए। जी हां, श्री बाला जी धाम की महिमा निराली एवं अद्भुत है। 

   भारत के प्रांत राजस्थान के दौसा जिला में स्थित श्री बाला जी धाम अति दर्शनीय एवं विशेष है। हनुमान जी को समर्पित यह स्थान देश-दुनिया में बेहद प्रसिद्ध है। 
  मान्यता है कि श्री बाला जी धाम प्रेत बाधाओं से भी मुक्ति प्रदान करता है। वस्तुत: यह हनुमान जी का मंदिर है। 

  खास तौर से इस स्थान की ख्याति मेंहदीपुर बाला जी के नाम से है। मेंहदीपुर दो विहंगम पर्वत श्रंखलाओं के मध्य रचा-बसा है। 
  एक पर्वत में ही श्री बाला जी की प्रतिमा विद्यमान है। मेंहदीपुर की जलवायु एवं पवित्र वातावरण मन को शांति एवं आनन्द प्रदान करता है। 

   वस्तुत: श्री बाला जी धाम तीन देवताओं का स्थान है। इनमें मुख्य स्थान हनुमान जी अर्थात बाला जी का है।
  बाला जी के अलावा श्री प्रेतराज सरकार एवं श्री कोतवाल सरकार हैं। भैरव जी को कोतवाल सरकार कहा जाता है।

   मान्यता है कि श्री बाला जी, श्री प्रेतराज सरकार एवं श्री कोतवाल सरकार करीब 1000 वर्ष पूर्व इस स्थान पर स्वत: प्रकट हुए थे। श्री बाला जी के प्रकट होने से लेकर अब तक करीब 12 महंत पूजा पाठ कर चुके हैं। 

  बताते हैं कि मेंहदीपुर कभी घना जंगल था। घना जंगल होने के कारण भययुक्त स्थान था। शेर, बाघ, चीता आदि इत्यादि के साथ ही चोर लुटेरों का भय भी हमेशा बना रहता था।
  मान्यता है कि मेंहदीपुर के एक ब्राह्मण परिवार को श्री बाला जी ने स्वप्न में दर्शन दिये थे। 

  ब्राह्मण स्वप्न में ही उठ कर चल दिये तो विचित्र लीला देखी कि एक ओर से हजारों दीपक जलते हुए चले आ रहे थे। हाथी घोड़ों की फौज भी दर्शनीय थी। यह सब एक भव्य-दिव्य फौज का स्वरूप था। फौज ने श्री बाला जी के दर्शन किये।

  स्वप्न में उनको श्री बाला जी, प्रेतराज सरकार एवं भैरव जी अर्थात कोतवाल सरकार ने दर्शन दिये। कहा कि उठो मेरी सेवा करो।
  इसी के साथ ही इस स्थान का महत्व बढ़ने लगा। चमत्कार होने लगे। खास यह कि श्री बाला जी धाम की हनुमान प्रतिमा पर्वत में ही विद्यमान है। 

  इस अद्भुत प्रतिमा को पर्वत का ही अंग माना जाता है। समूचा पर्वत ही मानों उनका कनक भूधराकार शरीरा है।
  इस मूर्ति के चरणों में ही एक छोटी सी कुण्डी थी। इस दिव्य-भव्य कुण्डी का जल कभी समाप्त नहीं होता था।


   रहस्य यह है कि श्री बाला जी की प्रतिमा की छाती के नीचे एक बारीक जलधारा प्रवाहित होती रहती है। यह जलधारा श्री बाला जी को चोला चढ़ने के बाद भी बंद नहीं होती। इस प्रकार श्री बाला जी धाम में हनुमान जी, प्रेतराज सरकार एवं भैरव जी विद्यमान हैं। 

   खास यह कि श्री बाला जी धाम में भक्त-श्रद्धालु अर्जी एवं दरख्वास्त लगाते हैं। मनौती मांगते हैं। मान्यता है कि श्री बाला जी के दर्शन मात्र से प्रेत बाधाओं मुक्ति मिलती है।
  निकट ही समाधि वाले बाबा का स्थान है। यहां प्रेत बाधाओं की लीलाओं को सार्वजनिक तौर पर देखा जा सकता है।

  प्रेत बाधाओं से मुक्ति के लिए देश भर से श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। मान्यता है कि श्री बाला जी धाम के दर्शन मात्र से ही श्रद्धालुओं का कल्याण होता है।


   श्री बाला जी धाम की यात्रा के सभी आवश्यक ंसंसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट सांगानेर एयरपोर्ट है। इसके अलावा पर्यटक आगरा एयरपोर्ट से भी मेंहदीपुर की यात्रा कर सकते हैं।
  निकटतम रेलवे स्टेशन बांदीकुई जंक्शन है। श्रद्धालु पर्यटक सड़क मार्ग से भी श्री बाला जी धाम की यात्रा कर सकते हैं।
26.900200,76.330400

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