Monday, 6 August 2018

अक्षरधाम मंदिर : अद्भुत सुन्दरता

     श्री स्वामिनारायण अक्षरधाम मंदिर को अनोखा धार्मिक एवं सांस्कृतिक महातीर्थ कहा जाये तो शायद कोई अतिश्योक्ति न होगी। 

  जी हां, नई दिल्ली स्थित अक्षरधाम मंदिर धर्म, आध्यात्म, सौन्दर्य शास्त्र, वास्तुकला एवं भारतीय संस्कृति से परिपूर्ण है। लिहाजा इसे सांस्कृतिक महातीर्थ कहना कोई बड़ी बात न होगी। शायद इन प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष विशेषताओं के कारण ही अक्षरधाम को गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकाड्र्स में शामिल किया गया है।

    खास यह कि अक्षरधाम शिल्पकला का सुन्दर एवं अद्भुत आयाम है। अक्षरधाम देश के शीर्ष आराधना स्थलों में से एक है। अक्षरधाम मंदिर की दिव्यता एवं भव्यता देखते ही बनती है। करीब 100 एकड़ क्षेत्रफल में फैले इस दिव्य-भव्य मंदिर परिसर में धर्म एवं संस्कृति के विविध आयाम दिखते हैं। खास यह कि अक्षरधाम मंदिर में प्रवेश के दस द्वार है। यह सभी द्वार दसों दिशाओं के प्रतीक हैं। 

   इस भव्यतम मंदिर का निर्माण ज्योतिर्धर भगवान स्वामिनारायण की स्मृति में कराया गया है। करीब 356 फुट लम्बा, 316 फुट चौड़ा एवं 141 फुट ऊंचा यह धार्मिक स्थल देश दुनिया का आकर्षण है। विशेषज्ञों की मानें तो अक्षरधाम मंदिर 10000 वर्ष प्राचीन भारतीय संस्कृति का प्रतीक है। यह संस्कृति का अत्यंत विस्मयकारी, सुन्दर एवं बुद्धिमता पूर्ण प्रस्तुत करता है। यूं कहें कि अक्षरधाम मंदिर भारत की प्राचीन कला, संस्कृति एवं शिल्पकला को सुन्दर एवं आध्यात्मिक तौर तरीके से प्रस्तुत करता है।

     खास यह कि यहां नियमित शांति प्रार्थनाएं होती हैं। शांति प्रार्थना में देश की 151 पवित्र नदियों, झीलों एवं जलाशयों का जल उपयोग में लाया जाता है। अक्षरधाम मंदिर परिसर में भारतीय रीति रिवाज, संस्कृति, आध्यात्मिकता के माध्यम से जीवन दर्शन को रेखांकित किया जाता है। फिल्मों के जरिये भारत की शानदार विरासत का सफर भी अवलोकित होता है।
   इसमें ऋषियों-मुनियों, वैज्ञानिकों की खोज, अविष्कार आदि इत्यादि बहुत कुछ है। जीवन चक्र एक संगीतमय फव्वारा है। यह एक दर्शनीय संगीतमय फव्वारा है। इसमें भारतीय दर्शन के अनुरूप जन्म, जीवन काल, मृत्यु चक्र का उल्लेख किया जाता है। इसे सर्किल ऑफ लाइफ भी कहा जाता है।
   खास यह कि 11000 कारीगरों एवं हजारों कारसेवकों की सहायता से पांच वर्ष की अवधि में यह दिव्य-भव्य मंदिर तैयार हो सका। विशेषज्ञों की मानें तो अक्षरधाम मंदिर की संरचना एवं डिजाइन ऐसी है कि मंदिर का जीवन 1000 साल तक रह सकता है। अक्षरधाम मंदिर में हिन्दुओं के सभी देवगण सहित दिव्य अवतारों की 200 से अधिक मूर्तियां विद्यमान हैं। मंदिर में 234 नक्काशीदार स्तम्भ, 9 अलंकृत गुम्बद, गजेन्द्र पीठ एवं देश के दिव्य महापुरुषों की 20000 से अधिक प्रतिमायें प्रतिष्ठापित हैं। 

   खास यह कि अक्षरधाम मंदिर नारायण सरोवर से घिरा है। यह सरोवर एक झील की तरह है। इस झील में देश की 151 पवित्र नदियों, झीलों एवं जलाशयों का जल है। झील के निकट 108 गोमुख बने हैं। यह गोमुख 108 देवी देवताओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। राजस्थान के लाल बलुआ पत्थरों से संरचित करीब 3000 फुट लम्बा परिक्रमा क्षेत्र है। यह परिक्रमा क्षेत्र मंदिर के चारों ओर एक सुन्दर माला की भांति दिखता है। मंदिर की परिक्रमा करते समय 108 गोमुख से प्रवाहित जलधारा सुखद एहसास कराती है। 
 
   अक्षरधाम मंदिर में विशेषताओं एवं आकर्षण की एक लम्बी श्रंखला है। अक्षरधाम मंदिर में यज्ञपुरुष कुण्ड है। यह दुनिया के सबसे बड़ा यज्ञ कुण्ड माना जाता है। इसमें 108 छोटे-छोटे तीर्थ हैं। मुख्य अर्थात केन्द्रीय गुम्बद के नीचे 11 फुट ऊंची स्वामी नारायण की भव्य-दिव्य प्रतिमा है। इसके चारों ओर हिन्दू गुरुओं की प्रतिमायें स्थापित हैं। यह प्रतिमायें पंच धातुओं से निर्मित हैं। लक्ष्मी नारायण, शिव पार्वती, राधा कृष्ण, सीता राम सहित अन्य देवी देवताओं की मूर्तियां स्थापित हैं। 
  परिसर में एक विशाल थियेटर भी है। थियेटर में नीलकण्ठ के माध्यम से स्वामी नारायण के जीवन को रेखांकित करने वाली घटनाओं को प्रदर्शित किया जाता है। अक्षरधाम मंदिर रात में अति सुन्दर प्रतीत होता है। लाइटिंग सिस्टम से रात होते ही अक्षरधाम मंदिर जगमगा उठता है। खास तौर से अकल्पनीय दृश्य अवलोकित होता है। यह एक अद्भुत नजारा होता है।
   लोटस गार्डेन : लोटस गार्डेन अक्षरधाम मंदिर के मुख्य आकर्षण में है। कमल के आकार प्रकार का यह बगीचा एक खास आध्यात्मिकता का आभास कराता है। यह एक जल उद्यान है। इस उद्यान में शेक्सपीयर, मार्टिन लूथर, स्वामी विवेकानन्द एवं स्वामी नारायण व्यक्तित्व एवं कृतित्व को रेखांकित किया गया है।
   सांस्कृतिक विहार : सांस्कृतिक विहार मुख्यत: नौकायन का आनन्द देने वाला क्षेत्र है। पर्यटक या श्रद्धालु यहां नौकायन कर प्राचीन भारत का दिग्दर्शन कर सकते हैं। खास तौर से भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता का विहंगमता संग अवलोकन होता है।
    अक्षरधाम मंदिर की यात्रा के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट इन्दिरा गांधी इण्टरनेशनल एयरपोर्ट नई दिल्ली है। निकटतम रेलवे स्टेशन नई दिल्ली है। पर्यटक सड़क मार्ग से भी अक्षरधाम मंदिर की यात्रा कर सकते हैं।
28.612673,77.277262

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