Thursday, 31 October 2019

त्रिपुरा सुन्दरी मंदिर: धार्मिक वैभव

   त्रिपुरा सुन्दरी मंदिर का धार्मिक वैभव अति दर्शनीय है। इस दिव्य-भव्य मंदिर का वास्तुशिल्प भी विलक्षण एवं अद्भुत है। 

   त्रिपुरा सुन्दरी के इस शानदार दरबार में देश विदेश के श्रद्धालु नतमस्तक होते हैं। भारत के त्रिपुरा के उदयपुर में स्थित त्रिपुरा सुन्दरी का यह मंदिर 51 शक्तिपीठ में एक है। 
  त्रिपुरा के अगरतला से करीब 55 किलोमीटर दूर स्थित त्रिपुरा सुन्दरी मंदिर अपनी पौराणिकता एवं ऐतिहासिकता के लिए भी जाना एवं पहचाना जाता है। 

  मान्यता है कि सती के दाहिने पैर का अंगूठा इस स्थान पर गिरा था। लिहाजा त्रिपुरा सुन्दरी का यह स्थान शक्तिपीठ के तौर पर मान्य है। स्थापत्य कला के इस अनुपम सौन्दर्य की विशिष्टता की दर्शनीयता बेहद लुभावन है।

   मान्यता है कि भगवान शिव की गोद में सती के शव को भगवान विष्णु ने चक्र से 51 भागों में विभक्त कर दिया था। सती शव के भाग भारत के विभिन्न हिस्सों में गिरे थेे। विशेषज्ञों की मानें तो माता सती के पैर की अंगुलियों के निशान अभी भी मौजूद हैं।

   सती शव के हिस्से गिरने वाले स्थान को शक्तिपीठ एवं महापीठ की मान्यता दी गयी। इस गौरवशाली मंंदिर का आकार-प्रकार कछुआ जैसा है। लिहाजा इसे कुरमा पीठ के नाम से भी जाना पहचाना जाता है।

   वस्तुत: त्रिपुरा सुन्दरी का यह स्थान काली माता को समर्पित है। इस तीर्थ धाम का निर्माण 1501 में किया गया था। निर्माण महाराजा धन्य माणिक्य के शासन काल में किया गया था। खास यह कि इस दिव्य भव्य मंदिर के परिसर में एक कुण्ड भी है। इस कुण्ड का विशेष महत्व है।

   मान्यता है कि इस कुण्ड में स्नान करने से शारीरिक कष्टों से निजात मिलती है। लिहाजा श्रद्धालु काली जी के दर्शन पूजन से पूर्व इस कुण्ड में स्नान अवश्य करते हैं। 

  त्रिपुरा सुन्दरी धाम का दीपावली उत्सव खास है। इस मौके पर भव्य मेला का आयोजन होता है। देश के पवित्र हिन्दू मंदिरों में से एक त्रिपुरा सुन्दरी मंदिर को मातबरी के नाम से भी जाना पहचाना जाता है। 

   मान्यता है कि महाराजा धन्य माणिक्य को स्वप्न में महामाया ने दर्शन दिये थे। इसके बाद महाराजा ने त्रिपुरा सुन्दरी के इस दिव्य-भव्य मंदिर का निर्माण कराया था। 

   मंदिर में त्रिपुरा सुन्दरी की प्रतिमा प्राण प्रतिष्ठापित होने के साथ ही मंदिर में भगवान विष्णु की भी दिव्य भव्य प्रतिमा प्राण प्रतिष्ठापित है।

  इच्छित वरदान के लिए देश विदेश के श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दर्शन के लिए यहां उमड़ती है। खास यह कि त्रिपुरा सुन्दरी मंदिर धार्मिक स्थान के साथ ही त्रिपुरा के खास पर्यटन क्षेत्र के तौर पर भी देखा जाता है।

   त्रिपुरा सुन्दरी मंदिर की यात्रा के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट महाराजा बीर विक्रम एयरपोर्ट अगरतला है। 

   निकटतम रेलवे स्टेशन अगरतला जंक्शन है। अगरतला रेलवे स्टेशन से त्रिपुरा सुन्दरी मंदिर की दूरी करीब 5.50 किलोमीटर है। श्रद्धालु या पर्यटक सड़क मार्ग से भी त्रिपुरा सुन्दरी मंदिर की यात्रा कर सकते हैं।
23.833820,91.282420

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